40% इंदौरी कैलोस्ट्रल से ग्रसित खराब लाइफ स्टाइल से इंदौर हो रहा है बीमार
कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया (CSI) द्वारा इंदौर में आयोजित दो दिवसीय 6th नेशनल कार्डियो प्रिवेंट कॉन्फ्रेंस में ‘इंदौर हार्ट क्लब’ ने रिपोर्ट पेश की जिसके अनुसार लगभग 30% इंदौरी ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या से और 40% क्लेस्टॉरल की समस्या से ग्रसित है इनमें 12% बच्चे भी शामिल हैं ये आंकड़े चौकाने वाले है ।
शहर के बच्चों और युवाओं में खराब लाइफ स्टाइल के कारण हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसे लेकर देश-विदेश के कार्डियोलॉजिस्ट्स ने चिंता जताई है। USA के एक्सपर्ट ने कहा है कि इंदौर अब तेजी से बीमार हो रहा है, जो बहुत चिंताजनक है। बेहतर है कि बच्चे और युवा अपनी खराब लाइफ स्टाइल को तुरंत सुधारें और मोटापे पर नियंत्रण करें अन्यथा स्थिति और भयावह होगी।
डॉ. प्रकाश डिडवानिया ने कहा कि इंदौर की सेहत अच्छी नहीं है। इसमें डॉक्टरों, पोस्ट ग्रेजुएट्स के सवाल भी कई थे। अब हार्ट डिसीज और इससे जुड़े रिस्क फैक्टर्स तेजी से बढ़ रहे हैं। अब बच्चे, जवान, बुजुर्गों सहित सभी में रिस्क फैक्टर्स बढ़ रहे हैं। यहां आए दिन अचानक किसी बच्चे, युवा, महिला आदि की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से मौत का कारण खराब लाइफ स्टाइल और मोटापा है।
प्रिवेंशन सबसे बेहतर है। अभी सबसे पहले जरूरत है कि हायपरटेंशन, डायबिटीज को बचपन से ही प्रिवेंट कर लें। दुनिया में भी मोटापा बहुत बढ़ रहा है।
डॉ. एचके चोपड़ा (दिल्ली) ने बताया कि हार्ट संबंधी कोई भी बीमारी के पूर्व सबसे जरूरी है प्रिवेंशन। हार्ट के जोखिम के बहुत सारे फैक्टर्स हैं। इनमें से एक खास फैक्टर मोटापा है। पेट की गोलाई यानी तोंद होती है उस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।पुरुषों की तोंद 90 सेमी और महिलाओं की 80 सेमी से अधिक नहीं होनी चाहिए ।
